नई दिल्ली, 11 जुलाई (Udaipur Kiran) । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सभी हितधारक मिलकर एक दिशा में काम करेंगे और जो लक्ष्य तय किया है, उस लक्ष्य को हम 2030 से पहले ही प्राप्त करेंगे। मिशन कॉटन को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जायेंगे।
शिवराज सिंह शुक्रवार को कोयम्बटूर के आईसीएआर- गन्ना प्रजनन संस्थान में कपास उत्पादकता बढ़ाने को लेकर अहम बैठक में बोल रहे थे। बैठक में भारत में कपास का इतिहास, परिदृश्य, चुनौतियां, उत्पादकता बढ़ाने के लिए आगामी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर, आईसीएआर के महानिदेशकएम. एल. जाट, अधिकारीगण, हितधारक, वैज्ञानिक और किसान उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि किसान कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कपास उत्पादन में कुछ समस्याएं आ रही हैं। अन्य राष्ट्रों के मुकाबले देश में उत्पादन कम हो रहा है। कपास उत्पादन के लिए विकसित बीटी कॉटन किस्म में वायरस अटैक के कारण कई तरह की समस्या पैदा हो गई हैं। उत्पादन बढ़ने की बजाय घट रहा है, जिसके लिए हमें काम करना होगा। दुनिया के बाकी देशों के समान भारत में भी कपास उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार हरसंभव कदम उठा रही है।
शिवराज सिंह ने कहा कि आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर लक्ष्यबद्ध होकर आगे बढ़ना होगा। वायरस प्रतिरोधी उन्नत बीज बनाने होंगे। निश्चित समय सीमा में किसानों तक इन उन्नत किस्म के बीज की पहुंच सुनिश्चित भी करनी होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कई बार उन्नत किस्म के बीज तैयार कर लिए जाते हैं, लेकिन उचित समय पर किसानों तक नहीं पहुंच पाते। इस काम की पूर्ति के लिए वैज्ञानिकों को पूरी ताकत से काम करना होगा।
बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने खेतों में जाकर कपास उत्पादक किसानों से बातचीत की और हितधारकों से परामर्श करते हुए उनकी समस्याओं एवं चुनौतियों के बारे में भी जाना।
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(Udaipur Kiran) / विजयालक्ष्मी
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